तप रहा मध्यप्रदेश: 12 जिलों में लू का 'ऑरेंज अलर्ट', आसमान से बरसती आग ने झुलसाई फसलें
मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने 12 जिलों में लू (Heatwave) की चेतावनी दी है। खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा।
भोपाल। मध्यप्रदेश में कुदरत के तेवर अब जानलेवा होने लगे हैं। राजस्थान की ओर से आ रही झुलसाने वाली हवाओं और उत्तर-पश्चिमी सिस्टम ने पूरे प्रदेश को भट्टी की तरह तपा दिया है। सूरज की तपिश का आलम यह है कि सुबह नौ बजते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
बड़ी बातें: गर्मी का सितम
आसमान छूता पारा: छतरपुर का खजुराहो 43.9 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे तप्त इलाका बना हुआ है।
फसलों पर मार: भीषण गर्मी के चलते खेतों में खड़ी फसलों के पत्ते पीले पड़कर झड़ने लगे हैं।
सूखते जलस्त्रोत: खरगोन में पानी का हाहाकार है; जिले के 154 तालाबों में से 100 पूरी तरह सूख चुके हैं।
सेहत पर हमला: अनूपपुर में आंखों में जलन और लालिमा के करीब 1,000 मरीज एक महीने में अस्पताल पहुंचे हैं।
रातों की बेचैनी: भोपाल में न्यूनतम तापमान में 3.4 डिग्री की भारी उछाल दर्ज की गई, जिससे रातें भी भट्टी जैसी तप रही हैं।
शहरों में क्यों लग रही ज्यादा गर्मी?
राजधानी भोपाल में शुक्रवार सीजन का दूसरा सबसे गर्म दिन रहा। यहाँ तापमान बढ़ने के पीछे 'हीट आइलैंड इफेक्ट' को बड़ी वजह माना जा रहा है। कंक्रीट के जंगल, डामर की काली सड़कें और घटते पेड़-पौधे दिनभर सूरज की ऊर्जा को सोख लेते हैं। रात के समय जब ये सतहें धीरे-धीरे गर्मी छोड़ती हैं, तो वातावरण ठंडा होने के बजाय और भी ज्यादा बेचैन करने वाला हो जाता है। यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में रातें ज्यादा गर्म महसूस हो रही हैं।
खतरे में मवेशी और खेती
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर बेजुबान मवेशियों और किसानी पर पड़ रहा है। धूप की वजह से फसलों में नमी तेजी से खत्म हो रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक 12 जिलों में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।