दमोह जल संकट: बूंद-बूंद को तरसी जनता का फूटा गुस्सा, पार्षद बोले— "जनता को पानी दो या हमें फांसी दो"
दमोह। भीषण गर्मी के बीच दमोह का जल संकट अब एक गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में तब्दील होता जा रहा है। शहर के वार्ड क्रमांक 5 में पिछले चार दिनों से पानी की एक बूंद न पहुंचने से नाराज नागरिकों ने नगर पालिका के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। पार्षद के 'पानी दो या फांसी दो' के नारे ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है, जबकि कलेक्टर ने खुद माना है कि यह संकट प्रकृति की देन नहीं, बल्कि नगर पालिका के 'कुप्रबंधन' का नतीजा है।
प्रमुख घटनाक्रम और विरोध प्रदर्शन
- उग्र नारेबाजी: वार्ड पार्षद अभिषेक तिवारी ने जनता की बेबसी को आवाज देते हुए 'पानी दो या फांसी दो' का नारा बुलंद किया। उनका आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण पानी की टंकियों के पास भीषण लीकेज है, जहाँ पानी सड़कों पर बह रहा है, लेकिन घरों के नल सूखे पड़े हैं।
- दोबारा चक्काजाम की स्थिति: बता दें कि दो दिन पहले भी पथरिया फाटक ओवरब्रिज पर चक्काजाम किया गया था। आश्वासन के बावजूद सुधार न होने पर पार्षद प्रतिनिधि कृष्णा तिवारी और वार्डवासियों ने फिर से मोर्चा खोल दिया।
- पुलिस की दखल: स्थिति बिगड़ती देख देहात थाना प्रभारी अमित गौतम और सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी को मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराना पड़ा।
कलेक्टर की समीक्षा: शहर में पानी पर्याप्त, प्रबंधन शून्य
रविवार को कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
- वितरण में भारी असमानता: शहर के कुछ रसूखदार इलाकों में दिन में तीन बार पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि कई वार्डों में तीन-तीन दिनों तक नल नहीं खुल रहे।
- सप्लाई का बढ़ता अंतराल: नगर पालिका ने एक दिन छोड़कर होने वाली सप्लाई को अब दो-दो दिन के अंतराल पर कर दिया है, जिससे आम जनता में त्राहि-त्राहि मची है।
- कुप्रबंधन का खुलासा: कलेक्टर ने स्वीकार किया कि शहर में जल स्रोतों की कमी नहीं है, बल्कि पाइपलाइन लीकेज और वाल्व के गलत संचालन (मिसमैनेजमेंट) ने संकट को बढ़ाया है।
प्रशासनिक आदेश: अब क्या होगा?
जनता के गुस्से को देखते हुए कलेक्टर ने नगर पालिका को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं:
- लीकेज सुधार: जहाँ भी पानी व्यर्थ बह रहा है, उन लीकेज को तत्काल ठीक किया जाए।
- वाल्व और पाइपलाइन: पानी के दबाव को समान करने के लिए नए वाल्व लगाने और पुरानी पाइपलाइन बदलने के काम में तेजी लाई जाए।
- समान वितरण: सभी 39 वार्डों में पानी का वितरण न्यायसंगत और समयबद्ध सुनिश्चित करने की डेडलाइन तय की गई है।