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दमोह: मोबाइल लैब ने परखी जिला अस्पताल की कैंटीन और रसोई की गुणवत्ता, तेंदूखेड़ा में लगा फूड लाइसेंस शिविर

Mobile Food Testing Laboratory inspecting food quality at District Hospital Damoh

दमोह। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला) के माध्यम से दमोह शहर और तेंदूखेड़ा में खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता जांची गई और व्यापारियों को जागरूक किया गया।

जिला अस्पताल की कैंटीन में सघन जांच

खाद्य सुरक्षा जांच दल ने मोबाइल लैब की सहायता से दमोह जिला चिकित्सालय स्थित कैंटीन और रसोई घर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां तैयार भोजन और कच्चे माल की गुणवत्ता का परीक्षण किया गया। जांच के दायरे में निम्नलिखित सामग्रियां शामिल रहीं:

  • तैयार भोजन: दाल, चावल, रोटी, दलिया और गुड़ के लड्डू।
  • नाश्ता: समोसा, आलूबंडे और पोहा।
  • मिठाई व डेयरी: बालूशाही, लस्सी, दही और छाछ।
  • अन्य सामग्री: गुड़ और विभिन्न प्रकार के मसाले।

तेंदूखेड़ा में जागरूकता और व्यापारिक प्रशिक्षण

तेंदूखेड़ा नगर में भी मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी के माध्यम से विभिन्न किराना दुकानों पर बिक रही सामग्रियों की मौके पर ही जांच की गई। प्रयोगशाला के विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं और व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा के मानकों के प्रति प्रशिक्षित किया।

  • जन जागरूकता: उपभोक्ताओं को मिलावटी सामान पहचानने के तरीके बताए गए।
  • प्रशिक्षण सत्र: व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के नियमों की जानकारी दी गई।

फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन शिविर का आयोजन

व्यापारियों की सुविधा के लिए इस अवसर पर विशेष फूड लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन शिविर का आयोजन किया गया।

  1. शिविर में उपस्थित व्यापारियों को लाइसेंस की अनिवार्यता के बारे में समझाया गया।
  2. पात्र खाद्य व्यापारियों के आवेदन मौके पर ही ऑनलाइन जमा करवाए गए।
  3. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य व्यापार करना नियमों के विरुद्ध है।