ADVERTISEMENT

MP में महिला अधिकारी को बीजेपी नेता से खतरा! मंत्री के भाई पर गुंडागर्दी का आरोप, सीईओ को मिली सुरक्षा

Woman CEO Priya Kag of Alirajpur receiving security after threat from local leader

आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से सत्ता की धमक और प्रशासनिक अधिकारी के बीच टकराव का एक गंभीर मामला सामने आया है। आलीराजपुर जनपद पंचायत में पदस्थ महिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रिया काग के साथ कथित रूप से अभद्रता, मारपीट की कोशिश और जान से मारने की धमकी दी गई है। इस घटना के बाद से प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और महिला अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

क्या है पूरा विवाद?

यह सनसनीखेज मामला 22 अप्रैल 2026 का है। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे सीईओ प्रिया काग अपने कार्यालय में कार्य कर रही थीं। विवाद की जड़ 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना' से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि नियमों के दायरे में न आने के कारण कुछ आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था। इसी बात से नाराज होकर जनपद पंचायत अध्यक्ष के पति और स्थानीय मंत्री के भाई इंदर सिंह चौहान कार्यालय पहुंचे और अपना आपा खो दिया।

धमकी और अभद्रता के गंभीर आरोप

महिला अधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार:

  • जानलेवा धमकी: आरोप है कि इंदर सिंह चौहान ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा— "तेरे दांत तोड़ दूंगा, तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहाँ सब मेरी मर्जी से होगा।"
  • मारपीट की कोशिश: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी महिला अधिकारी की ओर आक्रामक रूप से बढ़ा, लेकिन मौके पर मौजूद लेखाधिकारी सावन भिंडे ने बीच-बचाव कर अनहोनी को टाल दिया।
  • असुरक्षा का भाव: घटना के बाद सीईओ ने खुद को कार्यस्थल पर असुरक्षित बताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया।

पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक पारा

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी इंदर सिंह चौहान के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, अभद्रता और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि, आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जमानत मिल गई है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में असंतोष देखा जा रहा है।

दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुट गई है। कांग्रेस का कहना है कि जब सरकार में बैठे लोगों के परिजन ही महिला अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो प्रदेश की आम बेटियां कैसे सुरक्षित रहेंगी?