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'आगे-आगे देखिए होता है क्या', AAP के 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का बड़ा बयान

Raghav Chadha and other AAP MPs joining BJP at headquarters in New Delhi

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसदों ने बगावत करते हुए सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इस सियासी भूचाल के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने भविष्य में और भी बड़े फेरबदल के संकेत दे दिए हैं।

सांसदों की बगावत: दिग्गज चेहरों ने छोड़ा साथ

शुक्रवार को आप के राज्यसभा सांसदों में से दो-तिहाई बहुमत ने पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल होने का फैसला किया। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • राघव चड्ढा: पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और बड़े चेहरे।
  • संदीप पाठक: संगठन के माहिर और राज्यसभा सांसद।
  • स्वाति मालीवाल: पूर्व डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद।
  • अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता: इन सांसदों ने भी पार्टी की नीतियों पर असंतोष जताते हुए इस्तीफा दिया है।

राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जिस ईमानदारी और मूल्यों के लिए उन्होंने पार्टी को सींचा था, वह अब व्यक्तिगत लाभ और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। उन्होंने इसे संविधान के नियमों के तहत किया गया 'विलय' बताया है।

नितिन नवीन का बयान: 'पिक्चर अभी बाकी है'

पश्चिम बंगाल के बारानगर में एक रोड शो के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जब इस बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा— “अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है। आगे-आगे देखिए होता है क्या।”

उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में पंजाब और दिल्ली सरकार के लिए नई चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। नितिन नवीन ने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों में विश्वास करते हैं, उन सभी का भाजपा में स्वागत है।

भगवंत मान की 'रिकॉल' की मांग और राष्ट्रपति से मुलाकात

दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस टूट को भाजपा की साजिश करार दिया है। मुख्यमंत्री मान ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है।

  • मुलाकात का उद्देश्य: भगवंत मान पंजाब के विधायकों के साथ राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपेंगे, जिसमें पंजाब से चुने गए राज्यसभा सांसदों को 'रिकॉल' करने (वापस बुलाने) संबंधी पक्ष रखा जाएगा।
  • फर्जी हस्ताक्षर का आरोप: आप नेता संजय सिंह और हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया है कि सात सांसदों में से कुछ के हस्ताक्षर फर्जी हैं और मामला अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।